केतु की महादशा अक्सर जीवन में अचानक बदलाव, मानसिक अस्थिरता, रिश्तों में दूरी, आध्यात्मिक झुकाव और कभी-कभी हानि भी लेकर आती है। यह ग्रह अदृश्य शक्तियों और पिछले जन्म के कर्मों से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इसकी महादशा में व्यक्ति को भ्रम, अकेलापन या असंतोष भी महसूस हो सकता है।
केतु महादशा उपाय
मंत्र जाप
प्रतिदिन या मंगलवार/शनिवार को कम से कम 108 बार
“ॐ केतवे नमः” का जप करें।
दान
तिल, ऊनी कंबल, धागा, नारियल, या काला/नीला कपड़ा मंगलवार या शनिवार को किसी ज़रूरतमंद को दान करें।
भगवान गणेश और भगवान भैरव की पूजा विशेष रूप से लाभकारी रहती है।
मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल चढ़ाएँ।